tag:blogger.com,1999:blog-14338716.post114880273497866896..comments2008-05-26T21:03:18.342-07:00Comments on इन्द्रधनुष: हैदराबाद हिंदी ब्लागर मीट...Nitin Baglahttp://www.blogger.com/profile/18440781901122132231noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148988814875660312006-05-30T04:33:00.000-07:002006-05-30T04:33:00.000-07:00सागर जी,और सब बात ठीक, पर मैं "अच्छे लोगों" में नह...सागर जी,और सब बात ठीक, पर मैं "अच्छे लोगों" में नही आता...<BR/><BR/>जीतू जी, इच्छा तो बहुत थी फोटू खेंचने की....पर केमरा नही था :(<BR/><BR/>शुहैब जी, धन्यवाद<BR/><BR/>नीरज जी,पंकज जी...बढिया विचार है...हम इंतजार करेंगेNitin Baglahttp://www.blogger.com/profile/18440781901122132231noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148883098093603162006-05-28T23:11:00.000-07:002006-05-28T23:11:00.000-07:00उत्तम विचार निरजभाई.उत्तम विचार निरजभाई.Pankaj Benganihttp://www.blogger.com/profile/16827038594045459910noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148831356040465572006-05-28T08:49:00.000-07:002006-05-28T08:49:00.000-07:00तैयारी रखो.. नेटवर्क बढ़ाएंगे और हम लोग जल्द ही नई...तैयारी रखो.. नेटवर्क बढ़ाएंगे और हम लोग जल्द ही नई दिल्ली में इंटरनेशनल हिन्दी ब्लॉगर मीट की तैयारी मं जुटेंगे.. अगले साल इस आयोजन का मिलकर सोचना चाहिए.. इसे मीडिया कवरेज भी दी जाएगी. ज़रूरत है तो इस बात की कि अपन ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जो रोज़ कुछ न कुछ लिखते हों, को जुटा लें.Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14728892885258578957noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148815857969728362006-05-28T04:30:00.000-07:002006-05-28T04:30:00.000-07:00बहुत खूब, मुबारक हो जी :)बहुत खूब, मुबारक हो जी :)SHUAIBhttp://shuaib-hindi.blogspot.comnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148811672688190402006-05-28T03:21:00.000-07:002006-05-28T03:21:00.000-07:00बहुत सही। आप दोनो चिट्ठाकारों को बहुत बहुत बधाई।एक...बहुत सही। आप दोनो चिट्ठाकारों को बहुत बहुत बधाई।<BR/>एक आध फोटो होता तो और मजा आ जाता।Jitendra Chaudharyhttp://www.blogger.com/profile/09573786385391773022noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1148807512092079782006-05-28T02:11:00.000-07:002006-05-28T02:11:00.000-07:00नितिन जी,अपने मारवाड़ी मैं कहते है कि परदेस में गाँ...नितिन जी,<BR/>अपने मारवाड़ी मैं कहते है कि परदेस में गाँव का कोइ अन्जाना भी मिल जाये तो वह अपना सालगता है फ़िर हम तो एक दूसरे से परिचित है ही , मुझे दुख: इस बात का है कि मैं आपको अपने घर खाना खिला नहीं पाया, दरसल दावत में जाना रविवार यानि आज शाम को है और मैं गलती से शनिवार को जाना समझ कर खाने के लिये आमंत्रित नहीं कर सका,आपके जाने के बाद बड़ा अफ़सोस हुआ, खैर अगली बार खाना खाये बिना जाने नहीं दुंगा फ़िर क्यों ना आपको हवेली जाना हो या महल।<BR/>........तारीफ़ कुछ ज्यादा नहीं करदी आपने? अच्छे लोगों को दुनियाँ में सब अच्छे लगते है।Sagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.com