tag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1149570523366667732006-06-05T22:04:00.000-07:002006-06-06T01:35:40.373-07:00सुर्खियों से हट करआज आरक्षण,महाजन,आमिर खान,लाभ का पद,क्रिकेट इत्यादि के अलावा कुछ बातें...<br /><br />क्या आपको गेहूँ के भाव पता हैं?....<br />पिछले कुछ दिनों(महीनों)से १० रुपये प्रति किलो से १८-२० रुपये प्रति किलो तक चल रहे हैं<br />सरकार देश के किसानों से ७ रुपये किलो गेहूँ खरीद रही है, और दूसरे देशों से १० रुपये किलो तक में आयत कर रही है<br />उडद मूँग चना तुवर आदि दालों के भाव ४६ से ६० रुपये प्रति किलो जा पहुँचे हैं..<br />शकर २०-२१ रुपये किलो हो गई है<br />सब्जियों के दाम भी कमोबेश आसमान छू रहे हैं (वैसे मैने बहुत दिन से खरीदी नही)<br />चांदी १८-१९००० रुपये प्रति किलो....साल डेढ साल पहले तक ८-१० हजार रुपये प्रति किलो थी<br />सोना ९-९५०० रुपये प्रति दस ग्राम...साल डेढ साल पहले तक ६-७००० रुपये प्रति दस ग्राम था<br />रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक नलों में पानी नही मिलता हर जगह् बोतलबंद पानी जो उपलब्ध है... पेट्रोल और डीजल के दाम के बारे में कुछ ना कहना ही बेहतर है....अभी कल ही फिर बढा दिये...<br />शहरों में और महानगरों में एक आम आदमी के लिये अपना एक घर खरीद पाना असंभव सा हो गया है<br /><br />अभी कुछ समय पहले सुनील जी ने सपनों पर एक <a href="http://www.kalpana.it/hindi/blog/2006/05/blog-post_18.html">लेख </a>लिखा था...आप बताइये कोई कैसे करेगा अपने सपने पूरे जब रोटी, कपडा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं ही आम इंसान के लिये मुश्किल हो रही है.६० रुपये की न्यूनतम मजदूरी तो छोडिये, क्या १००-१२५ रुपये रोज कमाने वाला एक आदमी भी इस महँगाई में ४ लोगों के परिवार का खर्च ठीक से चला सकता है?<br />सपनों के ऊपर आगे और लिखूंगा, लेकिन यह तो सोंचने की बात है ही कि हमारे अखबार पत्रिकाएं और न्यूज चैनल इन सब खबरों को अपनी सुर्खियाँ क्यों नही बन्नते, जबकि ये खबरें आम आदमी से सबसे ज्यादा सरोकार रखती हैं...Nitin Baglahttp://www.blogger.com/profile/18440781901122132231noreply@blogger.com