tag:blogger.com,1999:blog-14338716.post-1151318208752908772006-06-26T03:35:00.000-07:002006-06-26T03:36:48.763-07:00राकेश रोशन की फिल्मेंरितिक/राकेश रोशन की नई फिल्म "कृष" के काफी अच्छी से लेकर बहुत खराब समीक्षाएं सुन/पढ चुका हूं..अभी देखी नही है सो अपनी राय तो नही दे सकता, लेकिन राकेश रोशन निर्देशित फिल्मों(पिछली ४-५)को देखें..और जरा गौर करें तो पायेंगे कि कुछ आधारभूत बातें उनकी हर फिल्म में एक जैसी होंगी..जैसे<br />फिल्म के पहले आधे भाग में हीरो बिल्कुल सीधा साधा होगा...हीरो-हीरोइन मिलेंगे..इश्क-विश्क होगा, गाने गाये जायेंगे...और आप सोंचेंगे...."ये कहाँ आ गये हम..."<br />मध्यांतर के ठीक पहले, फिल्म में एक अच्छा सा पेंच (twist) दे दिया जायेगा..और यहाँ से फिल्म एकदम रोमांचक मोड ले लेगी..अर दर्शक फिल्म से बंधा हुआ रह जायेगा..<br />अच्छे गाने/लोकेशन्स/हीरो/हीरोइन तो लगभग हर निर्देशक उपलब्ध करा लेता है, लेकिन आजकल की लगभग सारी फिल्मों में और खासकर रोमांच फिल्मों में सबसे बडी समस्या यहीं आती है, कि पहले हाफ में तो फिल्म ठीक ठाक चलती है,लेकिन मध्यांतर के बाद निर्देशक फिल्म पर अपनी पकड खो देता है...और अंत आते आते तो ऐसा लगता है कि जबरन फिल्म को खत्म किया जा रहा है...<br />अगर कोई निर्देशक फिल्मे के दूसरे भाग पर पकड मजबूत रखे...तो सफलता की संभावना भी बढ जाती है...Nitin Baglahttp://www.blogger.com/profile/18440781901122132231noreply@blogger.com