दोस्ती का दिन

आज अगस्त माह का पहला रविवार है याने फ्रेन्डशिप डे...या मित्रता दिवस... या दोस्ती का दिन.
ये कविता अपने सभी दोस्तों के लिए..उनका अनमोल साथ मांगने के लिए .

दोस्त...तुम साथ दोगे ना ?

जीत में, हार में,
प्रीत में, रार में,
जीवन के त्यौहार में,
तुम... साथ दोगे ना ?

आशा में, निराशा में,
प्रश्नों में, जिज्ञासा में,
जीवन की परिभाषा में,
तुम... साथ दोगे ना ?

वाद या विवाद में,
अनकहे संवाद में,
जीवन के आल्हाद में,
तुम... साथ दोगे ना ?

रुके में, बहाव में,
इच्छाओं के फैलाव में,
जीवन के पडाव में,
तुम... साथ दोगे ना ?

हास में, परिहास में,
बातों की मिठास में,
जीने के प्रयास में,
तुम... साथ दोगे ना ?

अर्श में, फर्श में,
अवनति-उत्कर्ष में,
जीवन के संघर्ष में,
तुम... साथ दोगे ना ?

आज और कल में,
कुटिया या महल में,
जीवन के हर पल में,
तुम... साथ दोगे ना ?

# नितिन

Comments

ये तो बढ़िया लिखा है आपने!
Hemu said…
va huzur aapne bahut achha like hai.

happy belated friendship day
Laxmi N. Gupta said…
nitin jii,

aapkii kavitaa bahut achchhii lagii. bahut uttam shabda chayan hai aur bahut sundar dhwani hai. mere blog par comment daalane ke liye dhanyawaad.

laxminarayan
Nitin Bagla said…
धन्यवाद अनूप जी,हेमू एवं लक्ष्मीनारायण जी :)
vaah kavi mahoday,
sachmuch saral kavita aur us pe achhi kavita likhna kitna kathin kam he aur tune use kitni aasani se rach dala he. ek shabdo ka sansar .vah bhai vaah
bhaskar

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