Monday, May 08, 2006

रफ्तार की गहराई

अभी कुछ दिन पहले इन्टरनेट पर हिन्दी के प्रचार प्रसार में आने वाली समस्याओं पर एक लेख पढा था, हिन्दी सर्च इंजन के बारे में भी वहाँ कुछ लिखा था, और रफ्तार के बारे में भी...रफ्तार के बारे में बहुत दिन पहले सुना था पर उसे आजमाया नही था...इस लेख को पढ कर सोंचा कि क्यों ना आजमाया जाये...पर नतीजा बडा कष्टप्रद निकला...

सबसे पहले हमने हमारा नाम वहाँ डाल कर देखा , गूगल महोदय हमारे नाम को लेकर करीब ३०० परिणाम बताते हैं, जिनमे सबसे पहले हमारा ब्लोग आता है, रफ्तार की रफ्तार सिर्फ ४० तक ही पहुँच पाई :(...बहुत दुखः हुआ, फिर सोंचा कि हम तो आम जनता हैं, हमारा नाम इतना महत्वपूर्ण भी नही है, शायद रफ्तार ने शामिल करना ही उचित नही समझा हो, तो 'भारत' को लेकर यही प्रयोग आजमाया... भारत शब्द को लेकर रफ्तार कुछ १८००० परिणाम दिखाता है, यही शब्द जब मै गूगल महोदय के पास लेकर गया तो उन्होने ९,९२,००० परिणाम दिखाये...याने ५० गुना फर्क !!!

दिल तो बहुत दुखा, पर कुछ कर नही सकते थे...सोंचा के क्यों न थोडी समाज सेवा की जाये, मुख पृष्ठ पर नीचे एक लिंक थी, 'हिन्दी वेब साइट बताएं'..हमने सोंचा कि अपना ब्लोग तो यहाँ डाल ही देते हैं, हिन्दी का कुछ तो भला होगा, पर जब यहाँ भी आगे बढे तो ऐसे ऐसे सवाल दागे गये, कि हमने भाग छूटने में ही अपनी भलाई समझी...मसलन्.....फॉन्ट का नाम, फॉन्ट का परिवार(Family)..और यहाँ तक कि उसका चरित्र (बोले तो, font character ;))...पूँछ डाला, अब भाई हम तो सीधे सीधे हिन्दिनी के हग टूल पर टाइप करके चिपका देते है, ये नाम, पता, परिवार और चाल चलन हम कहाँ से बताएं, सो फ्रस्टा कर हमने रफ्तार पर ब्रेक लगाये, गूगल जिन्दाबाद बोला और ये ब्लोग लिखने बैठ गये....

3 Comments:

At May 08, 2006 4:54 AM, Blogger युगल मेहरा said...

मैने भी यही किया था।

 
At May 08, 2006 7:28 AM, Blogger Udan Tashtari said...

हमारी खोज की सुई तो शून्य पर अटक गई।
समीर लाल

 
At May 10, 2006 2:03 AM, Blogger Nitin Bagla said...

सही किया युगल :)

समीर जी, "समीर लाल" के लिये तो १२०० परिणाम बताये...पर अधिकतर शुरुआती परिणाम 'लाल' के लिये थे..."समीरलाल" शून्य पर अटक गये..और "समीर" का स्कोर करीब ४० रहा :)

 

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